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कामयाब होने के लिए अच्छे मित्रो की जरूरत होती है
ओर
ज्यादा कामयाब होने के लिए अच्छे शत्रुओं की आवश्यकता होती हैं।ओर पढे।
                               चाणक्य नीति।
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       जो धैर्यवान नही है
उसका न वर्तमान हैं न भविष्य।ओर पढे।                       चाणक्य नीति।
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जो शक्ति न होते हुए भी मन से हार नही मानता है,
उसको दुनिया की कोई ताकत परास्त नही कर सकती।ओर पढे
                               चाणक्य नीति।
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अगर सात बार असफल हो जाओ तो
     भी आठवी बार प्रयास करो।
क्या पता किस्मत में ये लिखा हो
   की आठवीं बार प्रयास करने से
    सफलता मिलेगी।ओर पढे।
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मुझे वह दौलत नही चाहिये जिसके लिए कठोर यातना सहनी पड़े,

या सदाचार का त्याग करना पड़े या अपने शत्रु की चापलूसी करनी पड़े।ओर पढे।
                               चाणक्य नीति।
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शिक्षा इंसान की सबसे अछि मित्र होती हैं।
एक शिक्षित इंसान हर जगह समान पाता है।
शिक्षा सुन्दरता को भी पराजित कर सकती हैं।ओर पढे।
                                चाणक्य नीति

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जिस से प्रेम होता है उसी से भय भी होता हैं।
     प्रेम ही सारे दुःखो का मूल हैं।

अतः प्रेम बन्धनों को तोड़कर सुखपूर्वक रहना चाहिए।ओर पढे।
                             चाणक्य नीति।
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कुँए में उतरने वाली बाल्टी यदि झुकती हैं तो भर कर बाहर आती हैं

जीवन का भी यही गणित हैं
जो झुकता हैं वह प्राप्त करता है।

दादा गिरी तो हम मरने के बाद भी करेंगे।
लोग पैदल चलेगे ओर हम कन्धों पर।ओर पढे।
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           ईश्वर पर भरोसा
                
एक राजा बहुत दिनों से पुत्र की प्राप्ति के लिए आशा लगाए बैठा था लेकिन पुत्र नहीं हुआ। उसके सलाहकारों ने तांत्रिकों से सहयोग लेने को कहा

सुझाव मिला कि किसी बच्चे की बलि दे दी जाए तो पुत्र प्राप्ति हो जायेगी

राजा ने राज्य में ढिंढोरा पिटवाया कि जो अपना बच्चा देगा,उसे बहुत सारा धन दिया जाएगा

एक परिवार में कई बच्चें थे,गरीबी भी थी।एक ऐसा बच्चा भी था,जो ईश्वर पर आस्था रखता था तथा सन्तों के सत्संग में अधिक समय देता था

परिवार को लगा कि इसे राजा को दे दिया जाए क्योंकि ये कुछ काम भी नहीं करता है,हमारे किसी काम का भी नहीं है

इसे देने पर राजा प्रसन्न होकर बहुत सारा धन देगा

ऐसा ही किया गया। बच्चा राजा को दे दिया गया

राजा के तांत्रिकों द्वारा बच्चे की बलि की तैयारी हो गई

राजा को भी बुलाया गया। बच्चे से पूछा गया कि तुम्हारी आखिरी इच्छा क्या है ?

बच्चे ने कहा कि ठीक है ! मेरे लिए रेत मँगा दिया जाए रेत आ गया

बच्चे ने रेत से चार ढेर बनाए। एक-एक करके तीन रेत के ढेरों को तोड़ दिया और चौथे के सामने हाथ जोड़कर बैठ गया उसने कहा कि अब जो करना है करें

यह सब देखकर तांत्रिक डर गए उन्होंने पूछा कि ये तुमने क्या किया है?

 पहले यह बताओ। राजा ने भी पूछा तो बच्चे ने कहा कि

पहली ढेरी मेरे माता पिता की है मेरी रक्षा करना उनका कर्त्तव्य था परंतु उन्होंने पैसे के लिए मुझे बेच दिया

 इसलिए मैंने ये ढेरी तोड़ी दूसरी मेरे सगे-सम्बन्धियों की थी। उन्होंने भी मेरे माता-पिता को नहीं समझाया

 तीसरी आपकी है राजा क्योंकि राज्य की प्रजा की रक्षा करना राजा का ही धर्म होता है परन्तु राजा ही मेरी बलि देना चाह रहा है तो ये ढेरी भी मैंने तोड़ दी

अब सिर्फ अपने सद् गुरु और ईश्वर पर ही मुझे भरोसा है इसलिए यह एक ढेरी मैंने छोड़ दी है

राजा ने सोचा कि पता नहीं बच्चे की बलि देने के पश्चात भी पुत्र प्राप्त हो या न हो,तो क्यों न इस बच्चे को ही अपना पुत्र बना ले

इतना समझदार और ईश्वर-भक्त बच्चा है।इससे अच्छा बच्चा कहाँ मिलेगा ?

राजा ने उस बच्चे को अपना पुत्र बना लिया और राजकुमार घोषित कर दिया

जो ईश्वर और सद् गुरु पर विश्वास रखते हैं,उनका बाल भी बाँका नहीं होता है
🙏🙏 जय जिनेंद्र🙏🙏 ओर पढे।
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दो दिलो की मोहोब्बत से जलते हैं लोग,
तरह तरह की बाते तो करते है।लोग,
जब  चाँद सूरज का होता हैं खुलकर 
                  मिलन,
तो उसे भी सूर्य ग्रहण तक कहते हैं                     लोग, ओर पढे
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ये जिंदगी चलो हम फिर से कोई नई कहानी लिखते है,
है जो अधूरी राहें उन राहो से फिर से गुजरते है,
है भरे जिंदगी के कुछ पन्ने तो कुछ है खाली,
चलो आज उनमे कोई इंद्रधनुषी सा रंग भरते है,
यु तो खबर नहीं आने वाले कल की हमे कुछ,
चलो क्यों न हम कुछ कर गुजरते है,
कुछ खोया है तो कुछ पाया भी है हमने,
कुछ पल रोया है तो कुछ पल ने हसाया है हमे,
चलो क्यों न अपनी ही ख्यालातों को लिखते है,
यु तो उम्र है अभी बहुत छोटी, अनुभव नहीं जिंदगी का ज्यादा,
पर है जो सिख मिली हार से,
क्यों न उस हार को होसलो की बुनियाद बनाते है,
ये जिंदगी चलो हम फिर से कोई नई कहानी लिखते है....!!ओर पढे
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विश्वास जीवन का एक महत्वपूर्ण कारक है। और इस तरह के महत्त्वपूर्ण कारक के साथ खिलवाड़ करने से केवल तबाही होगा।इस घटना के बाद आखिरी दिन हुई यह साबित कर दिया की मानवता अपनी नीचे की लाईन पर कैसे पहुंची है।और यह पहली बार एसी घटना नहीं हुई है; यह बार बार हुआ है।
निर्दोष जीवन को नुकसान पहुंचाना, जो खुद के लिए बोल नहीं सकता वह बिल्कुल भी उचित नहीं है। प्रकृति का न्याय होगा।
मैं प्रार्थना करता हूं कि यह मृत मां हाथी और उसके अजन्मा बच्चा स्वर्ग में शांति में हो और उन सभी जानवरों के लिए जिनके जीवन को उनकी तरह नूकसान पहुंचाया गया है।😢😢
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कुदरत का इंसाफ भी बेमिसाल है
हर कर्मो का यहाँ हिसाब है।

तभी तो कैद में रहने वाले रिहा हो गये
      ओर उन्हें कैद में रखने वाले
         खुद कैद हो गये।ओर पढे
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तेरे जिक्र बिना केसे जिंदगी की कहानी लिखू.....

तुझे इश्क लिखू वफ़ा लिखू या फिर 
अपनी जिंदगानी लिखू।ओर पढे
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मना लेना तू भी खुशिया सारी......
                बस
एक दफ़ा इस लकीर को सीधा तो हो
            जाने दे।ओर पढे

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महफ़िल में जो हमे दाद देने में कतराते
                         है।
सुना है तन्हाइयो में वो मेरी शायरी 
             गुनगुनाते है......ओर पढे
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रात एक ख्वाब को हकीकत होते
                देखा
तुम्हे सोचा तुम्हे देखा तुम्हे चाहा तुम्हे
           पाया।ओर पढे
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हर शख्स इस संसार मे गमो में रोया है
जो शख्स गमो से मुक्त है वो ध्यान में खोया है।ओर पढे
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हर कोई मिलता हैं यहाँ पहन के सच
             का नक़ाब
कैसे पहचाने कोई कौन है अच्छा कौन
            खराब।ओर पढे
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काश तुम समझ सकते मोहब्बत के 
                 उसूलो को
किसी की सासो में समाकर उसे
               तन्हा नही करते।ओर पढे
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क्या बताऊँ तुम्हे की कितनी खुशिया
                  छीन
कर ये गम मेरे हिस्से लिखे गए हैं
दुवा करना तुम्हारे हक में वो फैसले
             ना लिखे जाए।ओर पढे
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गुस्से से फ़ोन रख दिया मेने
फिर फोन करके माँ बोली......
वो गलती से कट गया था मुझसे।ओर पढे
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शब्द और सोच दूरिया बढ़ा देते है
            क्यों कि
कभी हम समझ नही पाते........
ओर कभी हम समझा नही पाते।ओर पढे
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कैसे प्यार करू में तुझसे ए जिंदगी
तेरी हर सुबह मेरी उम्र कम करती हैं।
ओर पढे
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वाह रे जिंदगी

 दौलत की भूख ऐसी लगी की कमाने निकल गए 
 ओर जब दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए 
 बच्चो के साथ रहने की फुरसत ना मिल सकी 
 ओर जब फुरसत मिली तो बच्चे कमाने निकल गए 
         वाह रे जिंदगी
        

वाह रे जिंदगी

जिंदगी की आधी उम्र तक पैसा कमाया
पैसा कमाने में इस शरीर को खराब किया  
 बाकी आधी उम्र उसी पैसे को 
 शरीर ठीक करने में लगाया 
 ओर अंत मे क्या हुआ 
 ना शरीर बचा ना ही पैसा 

           वाह रे जिंदगी

वाह रे जिंदगी

 शमशान के बाहर लिखा था 
 मंजिल तो तेरी ये ही थी 
 बस जिंदगी बित गई आते आते 
क्या मिला तुझे इस दुनिया से 
 अपनो ने ही जला दिया तुझे जाते जाते 
            वाह  रे जिंदगी
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मेरी खामोशी सुन लो आज शब्द खत्म हो गये है
क्या करे बहुत तन्हा हो गये है हो तुम
पास है ये अहसास पर अब जिन्दगी के मायने खो गये है।ओर पढे
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एक तू मिल जाता इतना काफी था
सारि दुनिया के तलबगार नही थे हम।ओर पढे
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महसूस करोगे तो कोरे कागज पर भी नजर आएंगे हम।
हम अल्फाज है तेरे हर लफ्ज में ढल जायेगे हम।ओर पढे
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हम भी वही होते है रिश्ते भी वही होते है
ओर रास्ते भी वही होते है बदलता है
तो बस 
समय,एहसास, ओर नजरिया।ओर पढे
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हम तो आज भी रिश्तो को वैसे ही
            चाहते है।
जैसे सूखा पेड़ बारिश का तलबगार
           होता हैं।ओर पढे
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